अश्विन के स्थान पर देवदत्त पडिक्कल मैदान पर आए, भारत अभी भी 10 खिलाड़ियों के साथ शेष मैच खेलेगा।

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Padikkal
AsportsN। Image Credit: Social Media

इंग्लैंड के खिलाफ राजकोट में खेले जा रहे टेस्ट मैच में भारतीय टीम को करारा झटका लगा है। भारत के ऑलराउंडर रविचंद्रन अश्विन मैच के बीच में पूरी श्रृंखला से बाहर हो गए हैं। अश्विन ने मेडिकल इमरजेंसी के कारण इंग्लैंड के खिलाफ पूरी सीरीज से अपना नाम वापस ले लिया है। चौथे मैच में भारतीय टीम को अश्विन का विकल्प मिलेगा, लेकिन बड़ा सवाल यह है कि क्या भारत तीसरे टेस्ट मैच के शेष 3 दिन केवल 10 खिलाड़ियों के साथ खेलेगा, या मैच के बीच में भारत के प्लेइंग इलेवन में किसी की एंट्री होगी। जा रहा है।

गेंदबाज के बजाय बल्लेबाज को क्यों शामिल किया गया?

रविचंद्रन अश्विन की जगह विस्फोटक बल्लेबाज देवदत्त पडिक्कल मैच के तीसरे दिन क्षेत्ररक्षण के लिए मैदान पर आए हैं। इससे प्रशंसकों के मन में सवाल उठ रहे हैं कि क्या पडिक्कल केवल क्षेत्ररक्षण के लिए टीम इंडिया से जुड़े हैं या वह बल्ले से भी टीम में योगदान देने जा रहे हैं। आपको बता दें कि पडिक्कल स्पिन गेंदबाज अश्विन के रिप्लेसमेंट नहीं हैं, वह टीम से सिर्फ फील्डर के तौर पर जुड़े हैं। भले ही वह एक प्रतिस्थापन होते, लेकिन वह इस पारी में न तो गेंद से और न ही बल्ले से योगदान दे सकते थे। ऐसे में फैंस की नजर इस बात पर भी टिकी हुई है कि अश्विन के रिप्लेसमेंट के तौर पर चौथे टेस्ट मैच में किस खिलाड़ी को मौका मिलेगा।

प्रतिस्थापन का पूर्ण नियम क्या है?

एम. सी. सी. के नियमों के अनुसार, भले ही विरोधी टीम का कप्तान मैच के बीच में प्रतिस्थापन के लिए सहमत हो, फिर जो खिलाड़ी प्रतिस्थापन के रूप में टीम में शामिल होता है, वह क्षेत्ररक्षण के अलावा उस पारी में गेंद या बल्ले से योगदान नहीं कर सकेगा। इसका मतलब यह है कि अगर पडिक्कल को आर अश्विन की जगह भी लिया जाता, तो भी वह इंग्लैंड की पहली पारी में न तो गेंद से और न ही बल्ले से योगदान दे पाते।

भारत केवल 10 खिलाड़ियों के साथ कैसे खेलेगा?

आपको बता दें कि भले ही भारतीय टीम 11 खिलाड़ियों के साथ फील्डिंग करेगी, लेकिन जब बल्लेबाजी और गेंदबाजी की बात आती है तो भारत के पास 11वें खिलाड़ी का विकल्प नहीं होगा। इस वजह से मैदान पर 11 खिलाड़ी होने के बावजूद भारत केवल 10 खिलाड़ियों के साथ राजकोट टेस्ट मैच खेलने जा रहा है। इस वजह से भारत को 11वें खिलाड़ी की कमी खलेगी। रविचंद्रन अश्विन में गेंद के साथ-साथ बल्ले से भी कमाल करने की क्षमता है। अश्विन ने राजकोट टेस्ट में ही अपना 500वां विकेट लिया है। वह भारत के सबसे अनुभवी खिलाड़ियों में से एक हैं, इसलिए अगर अश्विन होते तो इससे भारत की गेंदबाजी मजबूत होती।