घरेलू क्रिकेट भारत में प्रतिभा की नर्सरी, युवाओं के पौधे तैयार, सरफराज, ध्रुव और आकाशदीप दे रहे हैं अपनी छाप

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AsportsN। Image Credit: Social Media

भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) ने हाल ही में केंद्रीय अनुबंधों की सूची जारी की थी। घरेलू क्रिकेट को नजरअंदाज करने वाले खिलाड़ियों को इस सूची में जगह नहीं मिली। इनमें से मुख्य रूप से दोष ईशान किशन और श्रेयस अय्यर पर पड़ा। दोनों खिलाड़ियों को केंद्रीय अनुबंध से हटा दिया गया था। बोर्ड चाहता है कि खिलाड़ी अपने खाली समय में घरेलू क्रिकेट पर ध्यान दें। इसके अलावा, बीसीसीआई ने टेस्ट क्रिकेट खेलने वाले खिलाड़ियों के लिए एक विशेष प्रोत्साहन योजना भी शुरू की। लीग क्रिकेट के कारण कई खिलाड़ियों का टेस्ट और घरेलू क्रिकेट से मोहभंग हो रहा है। ऐसे में बोर्ड लाल गेंद के क्रिकेट के लिए फिर से वही सम्मान पाने की कोशिश कर रहा है। घरेलू क्रिकेट ने भारतीय टीम को कई सितारे दिए हैं। अगर हम इंग्लैंड श्रृंखला को देखें तो सरफराज खान, ध्रुव जुरेल, आकाशदीप और देवदत्त पडिक्कल जैसे युवाओं ने टेस्ट क्रिकेट में पदार्पण किया और टीम को श्रृंखला जीतने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

सरफराज-ध्रुव मैच जीतने वाली पारी खेली

घरेलू क्रिकेट में काफी रन बनाने वाले मुंबई के सरफराज खान ने राजकोट में इंग्लैंड के खिलाफ खेले गए टेस्ट में पदार्पण किया। उन्होंने अपनी पहली ही पारी में विस्फोटक अंदाज में 62 रन बनाए। इस दौरान उनके बल्ले से 9 चौके और 1 छक्का लगा। हालांकि दुर्भाग्य से वह रन आउट हो गए, लेकिन अपने अर्धशतक के दौरान उन्होंने दिखाया कि भारतीय टेस्ट क्रिकेट का भविष्य सुरक्षित हाथों में है। इसी मैच की दूसरी पारी में सरफराज ने नाबाद 68 रन बनाए। तीसरे टेस्ट में पदार्पण करने वाले ध्रुव जुरेल अर्धशतक से चूक गए और 46 रनों की पारी खेली। जुरेल यहीं नहीं रुके और रांची में खेले गए चौथे टेस्ट में उन्होंने 90 रनों की मैच विजेता पारी खेलकर खुद को साबित किया। दूसरी पारी में वह 39 रन बनाकर नाबाद रहे। बहुत ही महत्वपूर्ण समय पर खेले गए ध्रुव की इन पारियों के कारण भारत ने चौथा टेस्ट 5 विकेट से जीता और उन्हें प्लेयर ऑफ द मैच चुना गया।

डेब्यू टेस्ट में आकाशदीप का दबदबा

कार्यभार प्रबंधन के कारण चौथे टेस्ट के लिए जसप्रीत बुमराह को आराम दिया गया था। ऐसे में बंगाल के तेज गेंदबाज आकाशदीप को टेस्ट डेब्यू करने का मौका मिला। बुमराह की अनुपस्थिति में भारतीय तेज गेंदबाजी आक्रमण कमजोर लग रहा था। लेकिन आकाशदीप ने इसे गलत साबित कर दिया। उन्होंने इंग्लैंड के शीर्ष क्रम को पवेलियन का रास्ता दिखाया। तेज गेंदबाज ने बेन डकेट, ओली पोप और जैक क्रॉली को अपना शिकार बनाया। उनके अलावा, रजत पटिदार की चोट के कारण, देवदत्त पडिक्कल को श्रृंखला के अंतिम टेस्ट में डेब्यू कैप दी गई थी। उन्होंने अपने करियर के पहले ही टेस्ट में अर्धशतक बनाया था। देवदत्त ने 10 चौकों और 1 छक्के की मदद से 65 रन बनाए।

बी. सी. सी. आई. की प्रोत्साहन योजना क्या है?

इंग्लैंड के खिलाफ टेस्ट सीरीज जीतने के बाद बीसीसीआई ने भारतीय टीम को एक बड़ा उपहार दिया। एक नई प्रोत्साहन योजना शुरू की गई थी और इसके अनुसार, एक सत्र में 50 प्रतिशत से कम टेस्ट खेलने वाले भारतीय खिलाड़ियों को मैच शुल्क के रूप में केवल 15 लाख रुपये मिलेंगे। 50 प्रतिशत से अधिक मैच खेलने वाले खिलाड़ियों को प्लेइंग 11 में जगह मिलने पर 30 लाख रुपये और बेंच पर बैठने पर 15 लाख रुपये मिलेंगे। इसके अलावा 75 प्रतिशत से अधिक टेस्ट के लिए भारतीय टीम में शामिल खिलाड़ियों के लिए यह प्रोत्साहन क्रमशः 45 लाख रुपये (प्लेइंग इलेवन में) और 22.5 लाख रुपये (नॉन प्लेइंग इलेवन में) होगा। बीसीसीआई ने 2022-23 सीजन से इस टेस्ट इंसेंटिव स्कीम को लागू करने का फैसला किया है।

यह योजना क्यों बनाई गई?

हाल ही में यह देखा गया कि भारतीय खिलाड़ियों ने घरेलू क्रिकेट खेलने के बजाय आईपीएल 2024 की तैयारी शुरू कर दी है। ईशान किशन-श्रेयस अय्यर जैसे खिलाड़ियों ने रणजी ट्रॉफी नहीं खेलने का फैसला किया। बोर्ड ने खिलाड़ियों को घरेलू क्रिकेट खेलने के लिए एक पत्र भी लिखा, जिसे पूरी तरह से नजरअंदाज कर दिया गया। इसके बाद जहां बीसीसीआई ने टेस्ट और घरेलू क्रिकेट को नजरअंदाज करने वाले खिलाड़ियों के खिलाफ कार्रवाई की, वहीं लाल गेंद से क्रिकेट खेलने वाले खिलाड़ियों को पुरस्कृत करने की भी योजना बनाई। टेस्ट में प्रोत्साहन योजना शुरू होने के बाद इस प्रारूप को प्राथमिकता देने वाले खिलाड़ी भी आर्थिक रूप से समृद्ध होंगे।

Nitesh Srivastav
नितेश श्रीवास्तव asportsn वेबसाइट में सीनियर सब-एडिटर के पद पर कार्यरत हैं। मूलत:छत्तीसगढ़ के गौरेला पेंड्रा मरवाही के निवासी हैं। इन्होंने अपने करियर की शुरुआत साल 2021 में वेब मीडिया से की थी। अपने करियर में लगभग सभी विषयों (राजनीति, खेल, क्राइम, देश-विदेश, लाइफस्टाइल, हेल्थ) आदि पर रिपोर्टिंग का अनुभव है, साथ ही एडिटिंग का कार्य कर चुके हैं। नितेश श्रीवास्तव की खेल राजनीति और हेल्थ विषय पर शानदार पकड़ है।