सजीवन सजानाः पिता ने ऑटो चलाया, बेटी ने टीम इंडिया के लिए डेब्यू किया

0
771

किसी भी क्रिकेटर का सपना होता है कि वह एक दिन अपने देश की जर्सी पहनकर खेले। केरल के क्रिकेटर सजीवन सजना का यह सपना रविवार को पूरा हुआ। सजीवन के इस पदार्पण ने उन युवा क्रिकेटरों के सपनों को भी पंख दिए हैं जिन्होंने संघर्ष को एक सीढ़ी बनाकर सफलता प्राप्त करने का सपना देखा है। केरल के वायनाड के निवासी सजीवन ने सिलहट में बांग्लादेश के खिलाफ खेले जा रहे पहले टी20 अंतरराष्ट्रीय मैच में भारत के लिए पदार्पण किया था। हालांकि, यहां तक सजीवन का सफर आसान नहीं था। आइए जानते हैं कौन है सजीवन सजना…

पिता ऑटो चलाते हैं

सजीवन सजना बहुत गरीब परिवार से आते हैं। उसके पिता ऑटो चलाते हैं। जबकि माँ पार्षद हैं। केरल में 2018 की बाढ़ ने जीवन का सब कुछ नष्ट कर दिया था। इसके बावजूद उन्होंने हिम्मत नहीं हारी। उन्होंने जिला स्तर पर अच्छा प्रदर्शन करना जारी रखा और आगे बढ़ती रहीं। उन्हें एक मैच के लिए 150 रुपये मिलते थे। अब 29 साल की उम्र में डेब्यू करने वाली सजना ने 18 साल की उम्र तक असली क्रिकेट का बल्ला नहीं पकड़ा था। वह केवल नारियल और प्लास्टिक से बने बल्ले से बल्लेबाजी करती थी। सजना को दो बार केरल का क्रिकेटर ऑफ द ईयर पुरस्कार भी मिल चुका है।

मुंबई इंडियंस के लिए खेलते हुए रचा इतिहास

पिछले साल उन्हें मुंबई इंडियंस ने 10 लाख में चुना था। इस अवधि के दौरान वह काफी लोकप्रिय रहीं। दिल्ली कैपिटल्स के खिलाफ खेले गए मैच में सजना ने आखिरी गेंद पर छक्का लगाकर मैच जीत लिया। महिला टी20 के इतिहास में यह पहली बार था जब किसी खिलाड़ी ने आखिरी गेंद पर छक्का लगाकर मैच जीता।

फिल्मों में किया है काम

खास बात यह है कि सजना ने फिल्मों में काम किया है। उन्होंने 2018 की तमिल फिल्म काना में काम किया है। सजीवन सजना ने स्पोर्ट्स ड्रामा फिल्म में टीम इंडिया के एक खिलाड़ी की भूमिका निभाई थी। अब वे स्वयं फिल्म जगत से खेल की सबसे बड़ी दुनिया में प्रवेश कर चुके हैं।

सजीवन सजना एक ऑलराउंडर हैं।

सजना ऑलराउंडर की भूमिका निभाती है। वह दाएँ हाथ से बल्लेबाजी करती हैं और दाएँ हाथ से ऑफब्रेक गेंदबाजी करती हैं। हाल ही में उन्होंने सीनियर महिला इंटरजोनल मल्टी-डे ट्रॉफी टूर्नामेंट में शानदार प्रदर्शन किया था।