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आईपीएल 2025: Dhoni की धीमी पारी से फैंस नाराज़, CSK की बढ़ी मुश्किलें!

५ अप्रैल २०२५ को चेन्नई के एम.ए. चिदंबरम स्टेडियम में खेले गए आईपीएल २०२५ के १७वें मुकाबले में दिल्ली कैपिटल्स ने चेन्नई सुपर किंग्स को २५ रनों से पराजित कर दिया। इस मुकाबले के बाद सीएसके के अनुभवी खिलाड़ी एम.एस. धोनी सोशल मीडिया पर आलोचना के केंद्र में आ गए हैं।


दिल्ली की धमाकेदार शुरुआत : के.एल. राहुल का अर्धशतक

पहले बल्लेबाज़ी करते हुए दिल्ली कैपिटल्स ने १८३ रन बनाए। इस पारी के मुख्य सूत्रधार रहे के.एल. राहुल, जिन्होंने ५१ गेंदों में ७७ रन की शानदार पारी खेली। चेन्नई के लिए सबसे सफल गेंदबाज़ रहे खलील अहमद, जिन्होंने २ विकेट चटकाए।


चेन्नई की ख़राब शुरुआत, पावरप्ले में ही तीन विकेट गिरे

लक्ष्य का पीछा करने उतरी चेन्नई सुपर किंग्स की टीम की शुरुआत बेहद निराशाजनक रही। टीम ने पावरप्ले में ही तीन विकेट गंवा दिए।
अनुभवी खिलाड़ी शिवम दुबे (१८) और रविन्द्र जडेजा (२) भी जल्दी आउट हो गए, जिससे टीम पर दबाव और बढ़ गया।


धोनी की धीमी बल्लेबाज़ी : प्रशंसकों की नाराज़गी

११वें ओवर में जब एम.एस. धोनी बल्लेबाज़ी के लिए आए, तब टीम को जीत के लिए अभी भी ५६ गेंदों में ११० रन चाहिए थे। उस समय विजय शंकर २४ रन पर खेल रहे थे।
धोनी ने शुरुआत से ही धीमी बल्लेबाज़ी की और अंतिम ओवरों तक २५ से भी कम स्ट्राइक रेट से रन बनाए।

धोनी ने २६ गेंदों में ३० रन बनाए और उनका स्ट्राइक रेट मुश्किल से ११५ के आसपास रहा, जो इस लक्ष्य को देखते हुए काफी कम था।

सोशल मीडिया पर प्रशंसकों ने इस धीमी पारी की कड़ी आलोचना की। कई लोगों ने कहा कि धोनी को ऊपर आकर तेजी से रन बनाने चाहिए थे या फिर किसी और को भेजना चाहिए था जो रन गति बढ़ा सके।

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विजय शंकर भी नहीं चल सके तेज़ी से

एक ओर धोनी की पारी पर सवाल उठे, वहीं विजय शंकर की पारी भी ज़्यादा तेज़ नहीं रही। उन्होंने ५४ गेंदों में नाबाद ६९ रन बनाए, लेकिन टीम को जीत की दहलीज़ तक नहीं पहुंचा सके।
अंततः चेन्नई की टीम २६ रन कम रह गई और २५ रनों से मैच हार गई।


फैंस की नाराज़गी : “ये धोनी २०११ वाला नहीं रहा”

मैच के बाद सोशल मीडिया पर प्रशंसकों ने तीखी प्रतिक्रियाएं दीं:

  • “यह वो धोनी नहीं जो छक्कों से मैच पलट देते थे… अब तो गेंदें खर्च हो जाती हैं।”
  • “टीम को मिडिल ऑर्डर में कोई फिनिशर चाहिए। सिर्फ नाम से काम नहीं चलेगा।”
  • “धोनी अगर समय पर स्ट्राइक बदलते तो शायद मैच नतीजे में होता।”

हालाँकि, कुछ प्रशंसकों ने उनका बचाव करते हुए कहा कि धोनी अकेले नहीं, पूरी टीम फ्लॉप रही


क्या चेन्नई को बदलनी होगी रणनीति?

यह लगातार दूसरी हार है चेपॉक में, जहाँ सीएसके का ऐतिहासिक रिकॉर्ड बेहतरीन रहा है।
टीम का मध्यक्रम लड़खड़ा रहा है, और रन गति के समय पर न बढ़ने की समस्या गंभीर बनती जा रही है।

कप्तान रुतुराज गायकवाड़ और कोचिंग टीम को अब यह तय करना होगा कि:

  • धोनी को किस क्रम पर बल्लेबाज़ी के लिए भेजा जाए?
  • क्या उन्हें “फिनिशर” की भूमिका से हटाकर कोई और विकल्प देखा जाए?

 आलोचना के बीच, अनुभव की कसौटी पर खरे उतरना होगा धोनी को

एम.एस. धोनी क्रिकेट जगत में अनुभव और संयम के प्रतीक माने जाते हैं। लेकिन टी-२० जैसे तेज़ प्रारूप में समय के साथ रणनीतियाँ बदलती हैं।
अब देखना यह होगा कि क्या धोनी अगली बार पुराने रंग में दिखेंगे, या फिर टीम उनके अनुभव से कुछ और भूमिका में लाभ उठाएगी।

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