विराट कोहली बनाम सर विवियन रिचर्ड्स: टेस्ट क्रिकेट से विदाई के बाद आंकड़ों की टक्कर
भारतीय क्रिकेट के दिग्गज बल्लेबाज विराट कोहली ने 12 मई को टेस्ट क्रिकेट से संन्यास लेने की घोषणा कर दी। 36 वर्षीय कोहली की इस घोषणा ने भारतीय क्रिकेट फैंस को हैरान कर दिया, क्योंकि वे इंग्लैंड दौरे के लिए टीम इंडिया का हिस्सा माने जा रहे थे। कोहली के अलावा कप्तान रोहित शर्मा ने भी कुछ दिन पहले ही टेस्ट क्रिकेट को अलविदा कहा, जिससे भारत को अपनी दो सबसे अनुभवी बल्लेबाजों के बिना आगामी इंग्लैंड सीरीज़ खेलनी होगी।
कोहली ने हाल ही में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ पांच मैचों की टेस्ट सीरीज़ में भाग लिया था। उन्होंने पर्थ टेस्ट में शानदार शतक लगाकर शुरुआत की, लेकिन शेष मैचों में वह प्रभाव छोड़ने में नाकाम रहे। ऑफ स्टंप के बाहर गेंदों पर आउट होने की उनकी पुरानी कमजोरी फिर से उभर आई, और अंततः उन्होंने सीरीज़ में कुल 190 रन बनाए, औसत मात्र 23.75 रहा।
हालांकि कोहली का टेस्ट करियर अंतिम वर्षों में उतार पर था, परंतु वह एक समय विश्व के सर्वश्रेष्ठ बल्लेबाजों में गिने जाते थे। उनकी आक्रामक शैली, फिटनेस और कप्तानी ने उन्हें क्रिकेट प्रेमियों का चहेता बना दिया। उनके टेस्ट संन्यास के बाद क्रिकेट विश्लेषकों ने उनकी तुलना फिर से सर विवियन रिचर्ड्स से करना शुरू कर दिया है, जो कि एक समय वेस्टइंडीज के सबसे खतरनाक बल्लेबाज माने जाते थे।
आइए एक नजर डालते हैं दोनों महान बल्लेबाजों के टेस्ट करियर के आंकड़ों पर:
विराट कोहली – टेस्ट करियर
- मैच: 113
- रन: 8,848
- शतक: 29
- अर्धशतक: 30
- औसत: 49.15
- सर्वश्रेष्ठ स्कोर: 254*
- कप्तान के तौर पर: 68 टेस्ट, 40 जीत
सर विवियन रिचर्ड्स – टेस्ट करियर
- मैच: 121
- रन: 8,540
- शतक: 24
- अर्धशतक: 45
- औसत: 50.23
- सर्वश्रेष्ठ स्कोर: 291
- कप्तान के तौर पर: 50 टेस्ट, 27 जीत
कोहली और रिचर्ड्स दोनों ही अपने-अपने समय में आक्रामक बल्लेबाजी के प्रतीक रहे हैं। कोहली ने तेज गेंदबाजों के खिलाफ फ्रंट फुट पर खेलकर दबदबा बनाया, जबकि रिचर्ड्स अपनी खतरनाक हुक और पुल शॉट्स के लिए मशहूर थे। दोनों की बल्लेबाजी में एक करिश्माई आत्मविश्वास दिखता था, जो दर्शकों को रोमांचित करता था।
एक और दिलचस्प तथ्य यह है कि दोनों बल्लेबाजों ने अपनी कप्तानी में टीमों को कई ऐतिहासिक जीत दिलाई हैं। कोहली ने जहां भारत को ऑस्ट्रेलिया में टेस्ट सीरीज़ जीतने वाली पहली एशियाई टीम बनाया, वहीं रिचर्ड्स ने वेस्टइंडीज को अपने स्वर्णिम युग में बनाए रखा।
विराट कोहली का संन्यास निश्चित रूप से भारतीय क्रिकेट में एक युग का अंत है, लेकिन उनके आंकड़े और विरासत हमेशा क्रिकेट प्रेमियों के दिलों में जीवित रहेंगे। इस तुलना ने यह स्पष्ट किया है कि कोहली ने आधुनिक युग में उस स्तर का क्रिकेट खेला है जिसे सर विवियन रिचर्ड्स जैसे महान खिलाड़ी ने परिभाषित किया था।





